विष्णु चालीसा

विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय । कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय ॥ ।।चौपाई।। नमो विष्णु भगवान खरारी,कष्ट नशावन अखिल बिहारी । प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी,त्रिभुवन फैल रही उजियारी ॥ सुन्दर रूप मनोहर सूरत,सरल स्वभाव मोहनी मूरत । तन पर पीताम्बर अति सोहत,बैजन्ती माला मन मोहत ॥ शंख चक्र कर गदा बिराजे,देखत […]
