
हांडी टेढ़ी हो तो दोष कुम्हार का होता है
जिस देह पर तुम हँसते हो,उसे ईश्वर ने स्वयं गढ़ा है।हांडी टेढ़ी हो तो दोष कुम्हार का होता है।—

जिस देह पर तुम हँसते हो,उसे ईश्वर ने स्वयं गढ़ा है।हांडी टेढ़ी हो तो दोष कुम्हार का होता है।—


प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हिसादर भारत शीश धरी लीन्ही प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हिसादर भारत शीश धरी लीन्ही। राम

राधा रास बिहारी मोरे मन में आन समाये । निर्गुणियों के साँवरिया ने खोये भाग जगाये । मैं नाहिं








































