भगवान नाथ की प्रार्थना

IMG 20220821 WA0021

आज मैने मेरे स्वामी भगवान् नाथ श्री हरि से जिन्हें मैं हर क्षण हदय में बिठाकर नैनो को बन्द कर लेना चाहती हूं।  ऐसे में मुझसे कोई भाव भी नहीं बन रहा है। एक ये समय है कि बहता जाता है। मेरा पल पल युगों के समान बीत रहा है। मेरे स्वामी भगवान् नाथ हे प्राण नाथ हे परमात्मा हे जीवन जगत की ज्योति चाहे कोई सजा देना मुझे पर मुझे ना बिसराओ प्रभु, मेरे प्रभु मेरे स्वामी भगवान् नाथ मै  तुम्हारे चरणों की दासी हूं भुल हुई प्रभु क्षमा मुझे कर देना। मेरे किये की सजा मुझपर कर कृपा प्रदान करो। अवश्य ही मन पवित्र नही रहा होगा इस खोटे मन में भेद पैदा हुआ होगा। तुम्हें सच्चे दिल से वन्दन करने में कमी की होगी। हे नाथ मुझमें बहुत से खोट भरे हुए हैं ये आपकी कृपा है तभी कुछ प्रभु प्राण नाथ के प्रेम भाव बन जाते हैं है मेरे भगवान आपकी कृपा दृष्टि बनी रहे जय श्री राम अनीता गर्ग



Today, I want to shut my eyes from my Lord Lord Nath Shri Hari, whom I keep in my heart every moment. In such a situation, I am not making any sense. One is the time that flows by. My moments are passing like ages. My Lord Lord Nath O Pran Nath O God O Light of the world no matter what punishment you give me but don’t forget me Lord, my Lord my Lord Lord Nath I am the slave of your feet I have forgotten Lord forgive me. Punish me for my actions and bless me. Surely the mind must not have been pure, a difference must have arisen in this false mind. You must have lacked in saluting you with a true heart. O Nath, I am full of many flaws, it is your grace, only then some become the love of Prabhu Pran Nath, my God, may your grace be with me Jai Shri Ram Anita Garg

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
Share on telegram
Share on email

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *