
तुलसीदासजी को वृन्दावन में राम-दर्शन-
।। जय रघुनन्दन जय राधेश्याम ।। तुलसीदासजी उस समय वृन्दावन में ही ठहरे थे। वे भंडारों में विशेष रुचि

।। जय रघुनन्दन जय राधेश्याम ।। तुलसीदासजी उस समय वृन्दावन में ही ठहरे थे। वे भंडारों में विशेष रुचि

मीरा का मान मीरा का मान रखने के लिये स्वयं श्री कृष्ण ने स्त्री रूप धारण किया। राणा सांगा

मौन की महीमा उत्तर शब्दों से नहीं, आचरण सेमनुष्य के व्यवहार का सबसे सूक्ष्म, पर सबसे प्रभावशाली आयाम है—शांति।

हम भक्ति करना चाहते हैं भक्ति के लिए लक्ष्य का निर्धारित करना आवश्यक है। लक्ष्य क्या है मै भगवान








































