पवित्र ग्रंथों- श्रुति, स्मृति और वेदों



1-श्रुति:- श्रुति को पूर्ण रूप से दैवीय माना जाता है। इसको पद्य की कड़ियों के रूप में संरक्षित न रखकर सम्पूर्ण रूप में संरक्षित रखा जाता है।इसके अन्तर्गत चारों वेद ऋग्वेद यजुर्वेद,सामवेद और अथर्ववेद ब्राह्मण,अरण्यक और टीका युक्त उपनिषद आते हैं।

2- 👉 स्मृति:-स्मृति का सम्बन्ध उस ज्ञान से है जो श्रुति को ग्रहण करने के पश्चात प्राप्त हुआ। स्मृति को मूल रूप से दैवीय नहीं माना जाता । जैसा की नाम से प्रतीत होता है ये वे यादें है जो ऋषियों के द्वारा याद कर ली गयीं और अपनी आने वाली पीढ़ियों को उसी प्रकार आगे बढ़ा दी गयीं। इसके अन्तर्गत भगवत पुराण और विष्णु पुराण आते है जो की सत्त्व पुराण हैं।

ये दोनों पुराण भगवान विष्णु की सर्वशक्तिमान ईश्वर के रूप में व्याख्या करते है जिन्होंने ये अनंत ब्रह्माण्ड बनाया और जो सभी के अंदर इस संसार के स्वामी रूप में निवास करते हैं।

3- 👉वेद :- वेद में विष्णु को संसार का रक्षक होने के कारण “गोप” कहा गया है। संस्कृत में गो का अर्थ तारे, आकाश, पृथ्वी, प्रकाश की किरण, स्वर्ग, मवेशी, वाणी, सूर्य, चन्द्रमा, गाय आदि होता है । इन सबका पालनकर्ता होने के कारण परमेश्वर को गोप, गोपाल, गोपेन्द्र आदि कहा जाता है ।

|| जय गोविन्द जय गोपाला ||



1-Shruti:- Shruti is considered completely divine. It is not preserved in the form of verses, it is preserved in its complete form. Under this, the four Vedas, Rigveda, Yajurveda, Samveda and Atharvaveda, Brahmin, Aranyaka and Upanishads containing commentary come.

2- 👉 Memory :- Memory is related to that knowledge which was obtained after accepting Shruti. Memory is not considered divine in origin. As the name suggests, these are the memories that were memorized by the sages and passed on to their future generations in the same way. Under this comes Bhagvat Puran and Vishnu Puran, which are Sattva Puran.

Both these Puranas describe Lord Vishnu as the almighty God who created this infinite universe and who resides within everyone as the lord of this world.

3- 👉 Vedas :- In Vedas, Vishnu has been called “Gop” because of being the protector of the world. In Sanskrit, cow means star, sky, earth, ray of light, heaven, cattle, speech, sun, moon, cow etc. Being the maintainer of all these, the Supreme Lord is called Gopa, Gopal, Gopendra etc.

, Hail Govind Hail Gopala ||

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