
दासताके विरुद्ध
दासताके विरुद्ध विश्वविख्यात लेखिका हैरियट स्टोने अपना प्रसिद्ध उपन्यास ‘अंकल टॉम्स केबिन’ (टॉम काकाकी कुटिया) किन परिस्थितियोंके बीच लिखा, यह

दासताके विरुद्ध विश्वविख्यात लेखिका हैरियट स्टोने अपना प्रसिद्ध उपन्यास ‘अंकल टॉम्स केबिन’ (टॉम काकाकी कुटिया) किन परिस्थितियोंके बीच लिखा, यह

[2] मर्यादाके त्यागसे अपमान एक जगह बहुत-से मोरके पंख पड़े हुए थे। एक कौएने उन्हें देखकर मन-ही-मन सोचा-यदि मैं इन

बेलगाँव जिले (दक्षिण कर्नाटक) के मुरगोड़ स्थानके चिदम्बर दीक्षित सनातन वैदिक धर्मके बहुत बड़े उद्धारक, भक्ति-ज्ञानके प्रसारक और प्रेम, सेवा

एक बार गांधीजीको दक्षिणभारतके दौरेमें चर्खा दंगल देखनेमें बड़ी रात हो गयी। वहाँसे जब वे लौटे, तब इतने थक गये

वृन्दावनमें एक महात्मा हो गये हैं। उनका नाम था नारायणस्वामी। वे कुसुमसरोवरपर रहा करते थे। वहीं मन्दिरका एक पुजारी भी

परमेश्वर हमारे अन्दर है वृन्दावनमें एक वृद्ध महिला रहती थीं। उनका नाम था माया। वे एक छोटी-सी कुटियामें अकेले रहती

द्रौपदीके साथ पाण्डव वनवासके अन्तिम वर्ष अज्ञातवासके समयमें वेश तथा नाम बदलकर राजा विराटके यहाँ रहते थे। उस समय द्रौपदीने

शिक्षक होनेका अर्थ एक छोटेसे शहरके एक प्राथमिक स्कूलमें कक्षा पाँचकी एक शिक्षिका थीं। उनकी एक आदत थी कि वह

भाई-बहनका आदर्श प्रेम इन्द्रप्रस्थमें राजसूय यज्ञ पूर्ण होनेपर चक्रवर्ती सम्राट् युधिष्ठिर अपने पूज्य गुरुजनों, कुटुम्बियों तथा अभ्यागत नरेशोंके साथ राजसभामें

थेरीगाथाकी बौद्ध भिक्षुणियाँ – कतिपय प्रसंग बौद्ध धार्मिक साहित्य, जो पाली भाषामें है, उसमें ‘तिपिटक’ (संस्कृत-त्रिपिटक)- का विशेष स्थान है।