भगवन सलाह नहीं साथ चाहिए

आज का प्रभु संकीर्तन।
*मनुष्य योनि में जन्म लेकर हम एक सुन्दर समाज से जुड़ जाते हैं जिसमे रिश्ते,नातो के अतिरिक्त अन्य बहुत से लोग रहते हैं,।जिसे हम समाज कहते हैं। हमारा दायित्व है कि इस विकट परिस्थिति में जिसको भी हम अपने सामर्थ्य अनुसार मदद कर सकें तो अवश्य करें।संकट में किसी की भी मदद करेंगे तो हमे बहुत ही आत्मसंतुष्टि मिलेगी।इस संकट के इस समय में समाज और देश को हमारी सलाह नहीं हमारा साथ चाहिए। आज सरकार को कोसने वाले नहीं समाज के साथ खड़े हो कर सेवा करने वाले लोगों की आवश्यकता है। इसलिए सलाह नहीं साथ दें। सबका साथ होने से भगवान को भी अपना निर्णय बदलना पड़ता है।सुन्दर सी कथा पढ़े,शायद हमारा साहस बढ़े।एक बार एक पक्षी समुंदर में से चोंच से पानी बाहर निकाल रहा था। दूसरे ने पूछा भाई ये क्या कर रहा है। पहला बोला समुंदर ने मेरे बच्चे डूबा दिए है अब तो इसे सूखा कर ही रहूँगा। यह सुन दूसरा बोला भाई तेरे से क्या समुंदर सूखेगा। तू छोटा सा और समुंदर इतना विशाल। तेरा पूरा जीवन लग जायेगा। पहला बोला *देना है तो साथ दे*। सिर्फ़ *सलाह नहीं चाहिए*। यह सुन दूसरा पक्षी भी साथ लग लिया। ऐसे हज़ारों पक्षी आते गए और दूसरे को कहते गए *सलाह नहीं साथ चाहिए*। यह देख भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ जी भी इस काम के लिए जाने लगे। भगवान बोले तू कहा जा रहा है तू गया तो मेरा काम रुक जाएगा। तुम पक्षियों से समुंदर सूखना भी नहीं है। गरुड़ बोला *भगवन सलाह नहीं साथ चाहिए। फिर क्या ऐसा सुन भगवान विष्णु जी भी समुंदर सुखाने आ गये। भगवान जी के आते ही समुंदर डर गया और उस पक्षी के बच्चे लौटा दिए।जीवन में प्रयास करें और शुरुआत करें लोगो को छोटी छोटी खुशियां बांटकर।
जय जय श्री राधे कृष्णा जी।श्री हरि आपका कल्याण करें …🙏🏻🌹



Today’s Lord Sankirtan. *By taking birth as a human being, we join a beautiful society in which apart from relationships and ties, many other people also live, which we call society. It is our responsibility to help whoever we can as per our capacity in this difficult situation. If we help anyone in crisis, we will get great self-satisfaction. In this time of crisis, our advice to the society and the country is not our support. Needed Today, there is a need for people who stand with the society and serve, not those who curse the government. So don’t give advice, give support. With everyone’s support, even God has to change his decision. Read this beautiful story, perhaps our courage will increase. Once a bird was taking out water from the sea with its beak. The other one asked brother, what is he doing? The first one said that the sea has drowned my children, now I will keep them dry. Hearing this, the second one said, Brother, will the ocean dry up because of you? You are small and the ocean is so huge. It will take your entire life. The first one said *if you want to give then support*. Just *don’t need advice*. Hearing this, the other bird also joined him. Thousands of such birds kept coming and telling others *you need companionship, not advice*. Seeing this, Lord Vishnu’s vehicle Garuda ji also started going for this work. God said, “Where are you going? If you go, my work will stop.” You birds can’t even let the sea dry up. Garuda said *Lord, I don’t need advice but companionship. Then, after hearing this, Lord Vishnu also came to dry the sea. As soon as God came, the sea got scared and returned the baby birds. Make efforts in life and start by distributing small happiness to the people. Jai Jai Shri Radhe Krishna Ji. May Shri Hari bless you…🙏🏻🌹

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