नास्तिक पर आस्तिक की सत्यता

दो बाप बेटे घर में रहते हैं बेटा आस्तिक था और बाप नास्तिक अक्सर दोनों में वाद विवाद होते रहता था बाप का कहना था ईश्वर नहीं है और बेटा का विश्वास था ईश्वर है एक दिन दोनों में बहुत ज्यादा बकवास हो गया बाप बेटे से काफी नाराज हो गया और गुस्से से बोले की प्रमाणित करके दिखाओ की ईश्वर है तभी हम मानेंगे बेटा बोला ठीक है हम प्रमाणित करके दिखाएंगे बेटे अपने दिनचर्या के अनुसार स्कूल चले जाते हैं और स्कूल से एक सुंदर तस्वीर बनाकर घर ले आते हैं और घर में जहां पर वह पढ़ते थे सामने मेज पर उस तस्वीर को रख देते हैं बाप का हर वक्त आना जाना वहां पर लगे रहता था क्योंकि बाप को यह भी चेक करना था कि मेरा बेटा पढ़ रहा है कि नहीं पढ़ रहा है हर एक मां-बाप की इच्छा होती है कि बेटा एक अच्छी डिग्री प्राप्त करके एक अच्छा इंसान बने बेटे पढ़ रहे थे और बाप नाश्ता लेकर उनके रूम में पहुंच जाते हैं सामने टेबल पर नाश्ते रखते ही उनकी नजर उस तस्वीर पर जाती है जो बहुत ही आकर्षक था तस्वीर को देखकर उनके अंदर या जिज्ञासा हुई कि इसे बनाने वाले कौन है तो बेटे से पूछते हैं कि क्या इस तस्वीर को तुमने बनाई है तो बेटा बोलते हैं जी हां मैंने बनाया है फिर बाप बोलते हैं कि इतना सुंदर तस्वीर तो मैंने कभी तुमको बनाते हुए नहीं देखा है कैसे बना लिया बताओ तो बेटा कहते मैं स्कूल में बैठा था और जो स्कूल में अलमारी रखी हुई थी वह अपने आप खुल गया उस अलमारी से एक कागज उड़कर मेरी टेबल पर अपने आप आ गया और कलम भी उड़ कर आ गया फिर अपने आप व कलम कागज पर घिसते गया और इतना सुंदर तस्वीर बनकर तैयार हो गया बाप बोलते हैं तुम मुझे मूर्ख समझते हो अपने आप कहीं तस्वीर बनता है जब तक इसे कोई बनाएगा नहीं तो फिर बेटा बोलते हैं कि पिताजी जब यह साधारण तस्वीर खुद नहीं बन सकता है तो इतना बड़ा ब्रह्मांड खुद कैसे बन सकता है इसे भी तो बनाने वाला कोई है वही परमात्मा है बाप भी सोचने पर मजबूर हो जाता है और अंत में उसे मनाना पड़ता है कि अनंत शक्ति है जो पूरी सृष्टि के सृजनहार है और वही इस संसार को बनाने वाले हैं पिताजी उस दिन से आस्तिक हो जाते हैं नास्तिकता उनके अंदर से खत्म हो जाती है



Two father and son live in the house, the son was a theist and the father was an atheist, there used to be frequent arguments, the father said that there is no God and the son believed in God. Went and said angrily that prove that there is God only then we will believe son said ok we will prove it sons go to school according to their daily routine and bring home a beautiful picture from school and where they study at home They used to keep that picture on the table in front of the father every time he used to come and go there because the father also had to check whether my son is studying or not. Son became a good person by getting a good degree. Son was studying and father took breakfast and reached his room. As soon as breakfast was placed on the table in front, his eyes went to the picture which was very attractive. Who is the one who made this, then the son asks if you have made this picture, then the son says yes, I have made it, then the father says that I have never seen you making such a beautiful picture, so tell me how you made it. Son says, I was sitting in the school and the almirah which was kept in the school, opened automatically, a paper flew from that almirah and came to my table on its own and the pen also flew away, then automatically and the pen kept rubbing on the paper and Such a beautiful picture has been prepared, father says, you think me a fool, a picture is made on its own, unless someone makes it, then the son says that father, when this simple picture cannot be made by itself, then how can such a big universe be made by itself? It is possible that there is someone to create this too, he is the God, the father is also forced to think and in the end he has to be convinced that there is an infinite power which is the creator of the whole creation and he is the creator of this world. Father is a believer from that day. become atheism vanishes from inside them

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