प्रभु संकीर्तन 18

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नाम भगवान मे भक्त को किसी बात की चिंता नहीं रहती है भक्त भगवान को भजते हुए भगवान का बन जाता है। तब सबकुछ अपने प्रिय का भरोसा है। भगवान को अपने रोम रोम में महसुस करता है। भक्त भगवान से कहता है। हे नाथ यह आपकी कृपा मुझ दास पर बरस रही है।

भगवान का नाम सिमरण में हम अपने दिल को लगा कर रखे।गुरुदेव को मन ही मन प्रणाम करे  और मौन भगवान को भजते हुए घर के कार्य करे। मन के अन्दर अन्य विचार प्रकट नहीं होने दे। जब तक हो सके इस मन को बाहर की सैर न होने दे।मन को देखे मन पुरण रूप से भगवान श्री हरि में लीन है। हर धड़कन मे श्री हरी की झंकार हैं।


अरे सांवरे तेरे खोए खोए से नैन दिल चीर जाते हैं सांवरे आज तुम्हारे चरणों में समा जाना चाहती हूं ।एक भक्त रात दिन भगवान के भाव में रहता है। भक्त भगवान का हर क्षण बना रहता है। कभी भगवान के नाम का सिमरन करता है कभी कथा करता भजन गाता है। वह जितना भगवान को भजता है दिल में तङफ बढती जाती है।

उसका दिल कहता है कैसे मेरे भगवान को भजु, हर क्षण भगवान के भाव मे है ।सच्चे भक्त भगवान से एक पल भी दुर नहीं होते उनके रोम रोम में ईश्वर की धुन बज रही होती है। वे महा आनंद मे होते हैं। जय श्री राम अनीता गर्ग



The devotee does not worry about anything in the name of God, the devotee becomes God’s while worshiping God. Then everything is the trust of your beloved. Feels God in his every hair. The devotee says to God. O Nath, your blessings are showering on my servant.

Let us keep our heart engaged in chanting the name of God. Worship Gurudev in our heart and do household chores while worshiping God silently. Do not let other thoughts appear inside the mind. Don’t let this mind wander outside as long as possible. Look at the mind, the mind is completely engrossed in Lord Sri Hari. Every beat has the jhankar of Shri Hari.

Hey dark-skinned, my eyes are torn apart by your lost eyes, dark-skinned, today I want to merge at your feet. A devotee stays in the spirit of God day and night. The devotee remains with God every moment. Sometimes he recites the name of God, sometimes he sings bhajans while narrating a story. The more he worships God, the yearning in his heart increases.

His heart says how to worship my God, every moment is in the spirit of God. True devotees do not stay away from God even for a moment, God’s tune is playing in their every soul. They are in great joy. Jai Shri Ram Anita Garg

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