
भगवान नाम आश्रय
वृंदावन की एक गोपी रोज दूध दही बेचने मथुरा जाती थी,* एक दिन व्रज में एक संत आये, गोपी भी

वृंदावन की एक गोपी रोज दूध दही बेचने मथुरा जाती थी,* एक दिन व्रज में एक संत आये, गोपी भी

प्रभु प्राण नाथ से प्रेम मांगे हम हे प्रभु प्राण नाथ तु मुझे कितने ही कष्ट देना फिर भी ये

श्री रघुवीर भक्त हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥निशि दिन ध्यान धरै जो कोई। ता सम भक्त और नहिं होई॥

विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय । कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय ॥ ।।चौपाई।। नमो विष्णु भगवान खरारी,कष्ट

आदित्य हृदय स्तोत्र का वर्णन अगस्त्य ऋषि द्वारा भगवान राम को युद्ध में विजय प्राप्त करने के लिए किया गया

नमो नमो दुर्गे सुख करनी नमो नमो अंबे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूं लोक फैली उजियारी॥ शशि ललाट

बहुत समय पहले की बात है। किसी नगर में एक सेठ रहते थे। उनके पास अपार संपत्ति थी, लंबी-चौड़ी हवेली

(कालावधि 1504-1602,)स्वामी हरिदास जी महाराज की भजन रीति को पानी के द्वारा ‘श्री बिहारिन देव जू’ ने रसिकों के लिए

कहा जाता है कि हनुमान जी के उनकी पत्नी के साथ दर्शन करने के बाद घर में चल रहे पति

बनारस की वो गलियाँ जहाँ हर मोड़ पे आपको एक छोटा-मोटा मंदिर मिल जाएगा। शायद यही बनारस की खूबसूरती का