भगवान (Bhagvan)

हे हिम हेम किरीट शुभ्र शिव,

हे हिम हेम किरीट शुभ्र शिव,वर निर्झर त्रिपुरारी।कर पन्नग,पन्नग ग्रीवा,सिरवर्द्धमान शशि धारी।। मस्तक मध्य त्रिलोचन शोभित,उर शोभित रघुनायक।वक्ष मुण्ड,कर शूल

Read More...

रामनवमी के नौ राम,

रामनवमी के नौ राम, परमात्मा से राजा, पुत्र से पिता और पति तक भगवान राम के नौ रुप जो सिखाते

Read More...

“लीलामय का रुदन-नाट्य”

                            माता यशोदा वात्सल्य प्रेम की साकार मूर्ति हैं। परब्रह्म परमात्मा श्रीकृष्णचन्द्र की नित्यलीला में वे नित्य माता है।

Read More...

राधा भाव में कृष्ण

राधाजी को वृंदावन की “अधीश्वरी”माना जाता है.स्कंद पुराण के अनुसार “राधाजी”भगवान “श्रीकृष्ण” की आत्मा हैं उनकी प्राणशक्ति हैँ.श्रीकृष्ण के बिना

Read More...

राधे चरित्र

राधे जू की चरित्र का वर्णन करने का सामर्थ्य ना तो ब्रह्मा जी में है,और ना ही श्री शारदा जी

Read More...