
भगवान शिव द्वारा श्रीराम की परीक्षा
.श्रीराम का वनवास ख़त्म हो चुका था..एक बार श्रीराम ब्राम्हणों को भोजन करा रहे थे तभी भगवान शिव ब्राम्हण वेश

.श्रीराम का वनवास ख़त्म हो चुका था..एक बार श्रीराम ब्राम्हणों को भोजन करा रहे थे तभी भगवान शिव ब्राम्हण वेश

. सोलहवीं शताब्दी में जब भारत पर मुग़ल बादशाह अकबर का शासन था, उन्ही दिनों की यह घटना है। ब्रज

एक बार बुद्ध एक नगर के बाजार से गुजर रहे थे। तभी एक व्यक्ति उनके पास आया और बुद्ध को

👇कपिलमुनि का परिचय**कपिल मुनि ‘सांख्य दर्शन’ के प्रवर्तक थे,जिन्हें भगवान विष्णु का पंचम अवतार माना जाता है। इनकी माता का

ठाकुर जी के हस्ताक्षर जो भक्त का रूप धारण कर के न्यायालय में किये , आज भी उसकी प्रतिलिपि भगत

दोनों ही गली-गली जाकर पीठ पर पोटली लादकर कपड़े बेचने का काम करते थे । सर्दियों के दिन थे वह

.दक्षिण में वेंकटाचल (तिरुपति बालाजी) के समीप कूर्मग्राम में एक कुम्हार रहता था। उसका नाम था भीम। वह भगवान का

. एक महात्मा गंगा किनारे घूम रहे थे। एक दिन उन्होंने संकल्प कियाः ʹआज किसी से भी भिक्षा नहीं माँगूगा।

विवेकानंद अमरीका जा रहे थे, तो राजस्थान में एक राज—परिवार में मेहमान थे। राजा ने उनके स्वागत में एक समारोह

.इनका जन्म पूर्व बंगाल के अंतर्गत मुर्शिदाबाद (काँदी) कोलकाता में हुआ। इन का वास्तविक नाम श्रीकृष्णचंद्र सिंह था।.एक दिन गंगा