
हमारे वासुदेव सरवम
वासुदेव सरवम पर प्रकाश डालते हैं वासुदेव सरवम को गहराई से समझगें तभी गीता ज्ञान को समझ सकते हैं। वासुदेव

वासुदेव सरवम पर प्रकाश डालते हैं वासुदेव सरवम को गहराई से समझगें तभी गीता ज्ञान को समझ सकते हैं। वासुदेव

एक पुरानी कहानीं घणी गई थोड़ी रही, या में पल पल जाय।एक पलक के कारणे, युं ना कलंक लगाय।एक राजा

महिला होने के बावजूद उनकेनाम के साथ ऋषि लगता है। वे ब्रह्मवादिनी इसलिए कहलातीहैं कि वे ब्रह्मविद्या की ज्ञाता थी।

दीपक दिपावली काहमारे मन की पवित्रता ही दिपावली है शान्ति ही अयोध्या नगरी है। हमे मन मन्दिर को सजाना है
बुद्ध घर वापिस लौटे बारह वर्ष के बाद।तो बुद्ध ने आनंद से कहा, महल मुझे जाना होगा। यशोधरा बारह वर्ष
भारत में त्योहारों का महत्व भारतीय त्योहारों की सुंदरता हमारे जीवन को हर्ष और उल्लास से भरते हैं। पर्व हमारे
भारत में त्योहारों का बहुत महत्व है भारतीय त्योहारों की सुंदरता हमारे जीवन को हर्ष और उल्लास से भरते हैं।

समाधि की भूमिका समाधि योग की चरम अवस्था है—जहाँ चित्त पूर्णत शांत होता है। स्वामी विवेकानंद कहते हैं: “जब चित्त

भगवान् श्रीकृष्ण ही परम पुरुष तथा सर्वतन्त्र स्वतन्त्र परमात्मा है। सृष्टिके अवसरपर परब्रह्म श्रीकृष्ण ही स्वयं दो रूपोंमें प्रकट होते

इतने बड़े परमात्मा विराट अनंत ब्रह्मांड के स्वामी अधिपति को प्राप्त करना है तो सबसे बड़ी चीज को ही त्यागना