अर्थ क्या है राम राज्य का
राम राज्य का अर्थ है हमारे मन में पवित्रता हो। हमारे अन्तर्मन मे भगवान राम के आदर्श हो। जीवन में
राम राज्य का अर्थ है हमारे मन में पवित्रता हो। हमारे अन्तर्मन मे भगवान राम के आदर्श हो। जीवन में
होठों पर रहता है यही नाम सुबह शाममेरे राम मेरे राम।सबका रखवाला है राम नाममेरे राम मेरे रामजिसके ह्दय में
।।जय सियाराम ।।जय राम रमा रमनं समनं ।भव ताप भयाकुल पाहि जनम ॥अवधेस सुरेस रमेस बिभो ।सरनागत मागत पाहि प्रभो
हे प्रभुवर हे वैदेही वर मुझको निज चरण बसा लीजै।पद कमलों का मैं मधुप बनूं कुछ मधुरस कण बरसा दीजै।।कितने
। छन्द-मामभिरक्षय रघुकुल नायक।धृत बर चाप रुचिर कर सायक।। मोह महा घन पटल प्रभंजन।संसय बिपिन अनल सुर रंजन।। अगुन सगुन
मंत्र मुग्ध कर प्रेम से, भगवन आएं द्वार, हरि छवि मेंरे मन बसे, दुख हरते दातार । प्रेम हृदय अर्पण
हे रोम रोम मे बसने वाले राम जगत के स्वामी, हे अन्तर्यामी, मै तुझ से क्या मांगूं आश का बंधन
आनंद का प्राकट्य तभी होता है।जब साधक अन्तर्मन में परम पिता परमात्मा को बैठा लेता है। परमात्मा में लीन शरीर
जय श्री सीताराम जी की श्री रामचरित मानस लंका काण्ड दोहा :दुहु दिसि जय जयकार करिनिज जोरी जानि।भिरे बीर इत
तुम आशा विश्वास हमारे ।तुम धरती आकाश हमारे ॥ तात मात तुम, बंधू भ्रात हो,दिवस रात्रि संध्या प्रभात हो ।दीपक