किस्मत संवर गयी है तेरी शरण में आकर,
जीने लगे हम भी दुनिया में सिर उठा कर,
घुट घुट के अपना जीवन युही बिता रहे थे,
अपनी दशा पे मोहन खुद ही लजा रहे थे,
अरमान सरे दिल के रखते थे दबा के,
किस्मत संवर गयी है तेरी शरण में आकर,
गैरो की क्या कहे हम अपनों ने भी न छोड़ा,
कानो के पथारो ने शेषे के दिल को तोडा,
इस दिल के तुकडे लाये दर पे तेरे बचाकर,
किस्मत संवर गयी है तेरी शरण में आकर,
ना जाने कब तुम्हरी हम पर पड़ी नजर है,
दर पे भुलाया हमको सोनू तेरी मेहर है करुना लुटाई हम पे अपने गले लगा कर,
किस्मत संवर गयी है तेरी शरण में आकर,
Luck has changed by coming to your shelter,
We also started living by raising our heads in the world,
Yuhi was spending his life suffocating,
Mohan himself was ashamed of his condition.
Armaan used to keep all his heart pressed,
Luck has changed by coming to your shelter,
Even our own people did not leave what Garo said,
Kano’s stones broke Sheshe’s heart,
Brought the pieces of this heart at the rate by saving you,
Luck has changed by coming to your shelter,
I don’t know when you have eyes on us
Sonu teri mehar hai to me,
Luck has changed by coming to your shelter,