ईश्वर सिर्फ प्रेम के आधीन हैं…
वो सोने की लंका के नहीं…
पर शबरी की कुटिया के आधीन हैं…
वो सत्यभामा के वैभव के नहीं…
पर राधा के भाव के आधीन हैं…
वो उद्धव के ज्ञान के नहीं,
पर गोपियों की भक्ति के आधीन हैं…
वो दुर्योधन के भोग के नहीं…
पर विदुर के भात के आधीन हैं…
जय श्री कृष्ण…..













