मतगजेंद्र भगवान राम के चुनिंदा पार्षदों में से एक थे और 10 हजार वर्ष तक शासन के बाद भगवान राम ने जब साकेत गमन की तैयारी की, तो हनुमान जी को अयोध्या का राज और मतगजेंद्र को अयोध्या की सुरक्षा का दायित्व सौंपा।इस स्थान को विक्रमादित्य ने होली के बाद पड़ने वाले मंगलवार को पुर्नस्थापित किया था, तब से प्रत्येक वर्ष होली बाद पड़ने वाले मंगलवार को यहां उत्सव मनाया जाता है और मेला लगता है। होली के बाद पड़ने वाले मंगलवार यानि बुढ़वा मंगल
Matagjendra was one of the selected councilors of Lord Rama and after ruling for 10 thousand years, when Lord Rama prepared for Saket Gaman, Hanuman ji was entrusted with the rule of Ayodhya and Matagjendra with the responsibility of protecting Ayodhya. It was restored on the Tuesday after Holi, since then every year a festival is celebrated and a fair is held here on the Tuesday after Holi. Tuesday after Holi i.e. Budhwa Mangal