भगवान श्री राम के पास सुदर्शन चक्र इसलिए नही क्योंकि चक्र तथा शंख भरत एवम् शत्रुघ्न के रूप ने अवतरित हो चुके थे।कुछ लोग कहते हैं कि गुरु विश्वामित्र ने भगवान राम को सुदर्शन चक्र दिया था तो उनसे मेरा ये अनुरोध है कि विष्णु चक्र, दंड चक्र और सुदर्शन चक्र में बहुत अंतर होता है। क्या सिर्फ सुदर्शन चक्र एक चक्र था। ऐसे तो पौंड्रक के पास भी चक्र था जो हुबहू सुदर्शन जैसा दिखता था। अगर अमेरिका के पास परमाणु बंब है तो रशिया के पास नही है।ये दिव्यास्त्र श्री राम को देते हुए विश्वामित्र ने उनसे निम्नलिखित बातें कही थीं
उद्धरण -रघुनन्दन! तुम्हारा कल्याण हो। आज मैं तुम्हें वे सभी दिव्यास्त्र दे रहा हूँ। वीर! मैं तुमको दिव्य एवं महान् दण्डचक्र, धर्मचक्र, कालचक्र, विष्णुचक्र तथा अत्यन्त भयंकर ऐन्द्रचक्र दूँगा॥
स्रोत – बालकाण्ड, सर्ग २७, वाल्मीकी रामायण इसमें सुदर्शन चक्र नही लिखा है । क्योंकि शत्रुघ्न पहले ही सुदर्शन के रूप में पैदा हो चुके थे ।अब मैं आप लोगों को दूसरा कारण बताता हूं -रावण को वरदान था की किसी इंसान या मनुष्य या वानर से उसकी मृत्यु हो, अगर श्री राम की चार भुजा होती या सुदर्शन चक्र होता तो नियम नही भंग हो जाता की ये इंसान नही देवता हैं। श्री राम की शुरू से आखरी तक सिर्फ द्विभूजा ही थी और सिर्फ तीर धनुष ही उनका अस्त्र था। यह अवश्य सत्य है की उनके पास कई अस्त्र थे जिनमे
एक चक्र भी था लेकिन वो सुदर्शन नही था, वो ऋषि विश्वामित्र का ही बनाया हुआ कोई चक्र था। ऋषि विश्वामित्र एक ऐसे महर्षि थे जिन्होंने बहुत से अस्त्र शस्त्र बनाये हुए थे, हर चक्र सुदर्शन नही होता और सुदर्शन चक्र तथा महादेव के त्रिशूल जैसा और कोई अस्त्र पूरे ब्रह्मांड में नही होता। ram
Ramayana













