ब्रह्मा नाचे शिव नाचे कैलाश में

ब्रह्मा नाचे शिव नाचे कैलाश में
सांवरिया गिरधारी नाचे वृंदावन के रास में

ऐसी मुरली बजाई सांवरा मीठी मीठी तान में
पागल हो गई में तो सांवरा मुरली की आवाज में

नथनी तो में कान में पहनी झुमके पहने नाक में
पागल हो गई में तो सांवरा मुरली की आवाज में

सुरमा तो होंठों पे लगाया लाली लगाई आंख में
पागल हो गई में तो सांवरा मुरली की आवाज में

चूड़ी तो में गले में पहनूं हार पहनूं हाथ में
पागल हो गई में तो सांवरा मुरली की आवाज में

पायल तो में कमर में पहनी तगड़ी पहनी पांव में
पागल हो गई में तो सांवरा मुरली की आवाज में

लहंगा पहना चुनरी ओढ़ी चोली ले ली हाथ में
पागल हो गई में तो सांवरा मुरली की आवाज में

लाला तो में पालना छोड़ी साजन छोड़ा महल में
पागल हो गई में तो सांवरा मुरली की आवाज में

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