श्याम मेरा होली खेलन आया, कन्हैया मेरा होली खेलन आया.
होली खेलन, होली खेलन आया, श्याम मेरा होली खेलन आया ।।
सुंदर मुकुट शीश पर सजता, देख-देख मेरा दिल नहीं भरता.
ऎसी उसने नजर वलार्ड, मुझे रंग प्रीत का लगाया, श्याम मेरा होली खेलन आया।।
भजन फूलों जैसा श्याम है मेरा,
पावन कुंज गलियों में फेरा.
हंसता-हंसता बंसी बजावे, मन देख-देख के हराया, श्याम मरा होली खेलन आया।।
श्याम ने ऐसी धूम मचाई, सखियों संग मिल देवे बधाई, अतुल आनंद प्रम रस बरसे, मेरे मन में श्याम रंग लाया।।
आया फाग महीना सखियों, मेने नाच-नाब के गाया.
रंग गुलाल उड़ाया सबने, श्याम संग होली खेलन आया ।।













