भगवान को चिन्तन करते हुए

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हे भगवान नाथ,

हे स्वामी दिल में एक ही,

इच्छा जागृत होती है

कब प्रभु प्राण नाथ से मिलन होगा।

हे भगवान क्या इन नैनो की,

प्यास बुझ पाएगी।,

हे भगवान क्या आत्मा का,

परमात्मा से मिलन होगा।

हे परम पिता परमात्मा,

हे नाथ मै तुमसे विनती,

और स्तुति करती हूं।

नाम जप चल रहा है।

कभी शीश नवाती,

कभी चरणों में नतमस्तक हो जाती

दिल में तङफ जग जाए।

हर क्षण दिल में तुम्हारा चिन्तन हो।

इस शरीर जनीत किरयाओ को भुल जाऊ।

हे परमात्मा अब आत्मा,

तुम मे समा जाना चाहती है।

हे नाथ कभी-कभी तो ऐसे लगता है,

जैसे ही आंख खोलती हू,

पुरण संसार मे तुमनें,

रूप धारण कर रखा है।

तुम्हारा चिन्तन करते हुए,

तुम्हारे भाव में खोयी हुई,

मन्दिर जाने लगती हूं।

तब ऐसे लगा, जैसे सब में तुम बैठे हो ।

जो भी दिखाई देता है जैसे सबमे तुम हो।

दिल है कि धङकन सम्भलता नहीं है।

दिल की धड़कन तेज हो जाती है।

अन्तर्मन मे आनंद की,

लहर पैदा हो जाती है।

शब्द गोण हो जाते हैं।

तुम्हें अन्तर्मन से नमन और वन्दन करती,

फिर दिल पुछता है कहा जा रही है।

भगवान से मिलने  जा रही हूं

हृदय कहता भगवान से,

साक्षात्कार करने जा रही हूं।

मन्दिर में भगवान के भाव मे,

दर्शन करते हुए मोन हो जाती हूं।

स्तुति तो चलते हुए हो जाती है,

ध्यान लग जाता है।

भगवान और भगवान की ये दासी,

राम राम राम
अनीता गर्ग

Oh Lord Nath, O Lord, only one desire awakens in the heart, when will the meeting with Prabhu Pran Nath. Oh Lord, will the thirst of these nanos be quenched. Oh Lord, will the soul meet with the Supreme Soul? O Supreme Father Supreme Soul, O Swami Bhagwan Nath, I pray and praise you. So that every moment in the heart wakes up your thoughts in the heart. Forget this body-borne actions. Oh Lord, now the soul wants to be absorbed in you. O Nath, sometimes it feels as if I open my eyes, you have taken a form in the whole world. While worshiping you, contemplating on you, I start going to the temple lost in your spirit. Then it felt as if you are sitting in everything. Whatever appears as if you are in everything. The heart is not able to beat the heartbeat. The heartbeat becomes faster. A wave of joy arises in the heart. Words become mixed. While bowing down and bowing to you from the heart, then the heart asks for it. I am going to meet God, I am going to interview God. While having darshan in the spirit of God in the temple, I become silent. Praise is done while walking, meditation is done. Lord and this maid of God Ram Ram Ram
Anita Garg

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