1. घर के आंगन को रंग पोत कर साफ करिये, आंगन में तुलसी का पौधा नहीं है तो अभी लगायें।
2. घर की छत या सबसे उपर के हिस्से पर एक मजबूत पोल या पाईप गडवा दीजिए, नये वर्ष पर केसरीया ध्वज जो लगाना है।
3. घर के बाहर लगाने के लिए ऊँ व स्वास्तिक के अच्छे स्टिकर इत्यादि ले आईये।
4. घर के आसपास नीम का पेड ढूंढ कर रखिए। नव वर्ष तक उसमें नई कोंपलें आ जायेंगी। नव वर्ष के दिन सुबह सुबह वे कोपलें मिश्री के साथ स्वयं भी खानी है और ओरों को भी बांटनी हैं।
5. अच्छे शुभकामना संदेश ढूंढ कर रखिये, मित्रों को जो भेजने हैं।क्या कहा ? कार्ड भेजेंगे । हां तो उसकी डिजाइन तैयार करने का समय आ गया है। सम्राट विक्रमादित्य, डॉ हेडगेवार आदि महापुरुषों के अच्छे चित्र ढूंढना प्रारंभ कर दीजिये। शुभकामनाएँ पोस्ट कार्ड पर भी भेजी जा सकती हैं। अपनापन लगता है।
6. नव वर्ष की पूर्व संध्या पर आपके गाँव, शहर, मोहल्ले, प्रतिष्ठान में सांस्कृतिक कार्यक्रम, कवि सम्मेलन की योजना भी बनायी जा सकती है।
7. नववर्ष के दिन घरों में, प्रतिष्ठानों में रोशनी करना नहीं भूलें।
8. उस दिन सुबह प्रभात फेरी भी निकाली जा सकती है।
9. हमारे यहाँ तो उस दिन मीठे व नमकीन बासंती चावल बनाने की परम्परा है।
हाँ जी, इतने सारे काम ?
घबराओ नहीं, हमारा नव वर्ष प्रतिपदा इस वर्ष गुरुवार दिनांक 19 मार्च 2026 को है।
तैयार रहो !
हिन्दू होने पर गर्व करो।













