कृष्ण जिन का नाम है, गोकुल जिन का धाम है,
ऐसे श्री भगवान् को बारम्बार प्रणाम है।
यशोदी जिन की मैया है, नन्द जी बापैया है,
ऐसे श्री गोपाल को, बारम्बार प्रणाम है।
लूट लूट दधि माखन खायो, ग्वाल बाल संग धेनु चरायो,
ऐसे लीला धाम को बारम्बार प्रणाम है।
दृप्त सुता की लाज बचायो, ग्राह से गज को फंड छुड़ायो,
ऐसे कृपा धाम को बारम्बार प्रणाम है।
Krishna is Jin’s name, Gokul is Jin’s abode,
There are repeated obeisances to such Sri Bhagavan.
Yashodi is the mother of whom, Nand ji is Bapaiya,
To such Shri Gopal, I salute you again and again.
Eat loot, Dadhi Makhan, Dhenu graze with Gwal Bal,
Salutations to such Leela Dham are repeated.
Save the shame of Dripta Suta, Redeem the funds from the customer to the yard,
Salute to the abode of such grace again and again.