
*महादेव के पिनाक धनुष की कथा *
भगवान श्री राम ने सीता जी के स्वयंवर में गुरु विश्वामित्र जी की आज्ञा से शिवजी का कठोर धनुष तोड़

भगवान श्री राम ने सीता जी के स्वयंवर में गुरु विश्वामित्र जी की आज्ञा से शिवजी का कठोर धनुष तोड़

श्रीदामा का मिलन हुआ कन्हैया से ……..दोनों के आनन्द का कोई ठिकाना नही था ……..ये नया सखा मिला था ….वैसे

ठाकुरजी की ये लीला बडी ही मनमोहक है नंदलाल ने सुबह ही टेरकंदब पर अपने सभी मित्रों को बुलाया और

(सुलोचना अपने पति के साथ सती हुयी…) लाय सजीवनि प्राण उवारे…(गो. तुलसीदास जी) वधू उर्मिला महासती है… रात्रि के प्रथम

(अहिरावण का वध…) अहिरावण की भुजा उखाड़े…(गो. श्री तुलसीदास) आपने विवाह भी किया है हनुमान जी ? रघुकुल के कुछ

हजारो जन्मो के पुण्यफल हो तब शिवालय निर्माण का सौभाग्य प्राप्त होता है कोटि कोटि राजसूय यज्ञ के फल स्वरूप

महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर पढ़ेमाता पार्वती एवं भूतभावन भोलेनाथ के विवाह की कथातुलसीदास जी कहते हैंशिव-पार्वती के विवाह की

रुद्राभिषेक से क्या क्या लाभ मिलता है?महाशिवरात्रि पर भगवान शंकर का अभिषेक करते भगवान शंकर की कृपा प्राप्त करें शिव

देवों के देव भगवान भोले नाथ के भक्तों के लिये श्री महाशिवरात्रि का व्रत विशेष महत्व रखता हैं। यह पर्व

(सुलोचना अपने पति के साथ सती हुयी…) लाय सजीवनि प्राण उवारे…(गो. तुलसीदास जी) वधू उर्मिला महासती है… रात्रि के प्रथम