
जो इन तीनो को छोड़ता है भगवान उसे नहीं छोड़ते
हनुमान जी को भगवान सदा अपने पास बैठाते है ; क्यों ? क्योंकि हनुमान जी ने तीन काम किये और

हनुमान जी को भगवान सदा अपने पास बैठाते है ; क्यों ? क्योंकि हनुमान जी ने तीन काम किये और

शंकर सुवन केसरी नन्दन…(हनुमान चालीसा) आपके जन्म के बारे में लोग कई बातें कहते हैं… कोई कहता है आपको अंजनी

नेपाल के काली गंड़की नदी से प्राप्त 2 ठो शालीग्राम सिला पथर से ही अयोध्या में निर्माण हो रहें श्री

।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेरामगोवर्धन के भ्रम से चटकगिरि की ओर गमन समीपे नीलाद्रेश्चटकगिरिराजस्य कलनादये गोष्ठे गोवर्धनगिरिपतिं

।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेराममहाप्रभु का दिव्योन्माद सिंचन् सिंचन् नयनपयसा पाण्डुगण्डस्थलान्तंमुंचन मुंचन प्रतिमुहुरहो दीर्घनि:श्वासजातमउच्चै: क्रन्दन् करुणकरुणोद्गीर्णहाहेतिरावोगौर: कोअपि

।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेरामप्रेम की अवस्थाओं का संक्षिप्त परिचय कैतवरहितं प्रेम नहि भवति मानुषे लोके।यदि भवति

।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेरामगम्भीरा-मन्दिर में श्री गौरांग प्रेमानामाद्भुतार्थ श्रवणपथगत: कस्या नाम्नां महिम्न:को वेत्ता कस्य वृन्दावनविपिनमहामाधुरीषु प्रवेश:।को

।। श्रीहरि:।। [भज] निताई-गौर राधेश्याम [जप] हरेकृष्ण हरेरामश्री रघुनाथ भट्ट को प्रभु की आज्ञा दारा: परिभवकारा बन्धुजनो बन्धनं विषं विषया:।कोऽयं

अतुलित बल धामं हेम शैलावदेहम्…(श्री रामचरितमानस) रास्ते भर हनुमान जी को ही कहता रहा… उन्हें उनके श्री सीता राम जी

पदम पुराण के अनुसार जो घर राधा रानी के चरण-चिन्हों से विभूषित होगा वहां भगवान नारायण (भगवान श्री कृष्ण) संपूर्ण