
मेरा यार कन्हिया है
मेरा यार कन्हिया है वृंदावन आया हु जग का ठुकाराया हु तेरी शरण में आया हु मथुरा ढूंडा तुम को

मेरा यार कन्हिया है वृंदावन आया हु जग का ठुकाराया हु तेरी शरण में आया हु मथुरा ढूंडा तुम को

जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा हस के पुकारे कान्हा रो के पुकारे तुम को आना पड़ेगा जो वादा किया

मंगल फैलाए तेरा नाम हरि तेरे नाम में आनंद आ जाए दुःख चिंता सब मिट जाए तेरे नाम में मन

आज तो बधाई बाजे रंग महल में, रंग महल में रंग महल में रंग महल बाजे, रंग महल में राम

जब तक मेरे श्याम की कृपा,कौन उजाड़े घर मेरा, जब तक मोहन राम की किरपा कौन जुकादे सिर मेरा, बाबा

हरी नाम के रस को पी पी कर आनंद में जीना सीख लिया आनंद में जीना सीख लिया, आनंद में

निकुंज में विराजे, घनश्याम राधे राधे ll *हो श्याम राधे राधे, घनश्याम राधे राधे l निकुंज में विराजे, घनश्याम राधे

मैं तो नहीं हु काबिल तेरा प्यार कैसा पाउ, बड़ी दूर मुझसे साहिल तेरे पास कैसे आउ, मैं तो नहीं

तेरे दर को छोड़ कर कहाँ जाएं हम, तुम ही बता दो किधर जाये हम, तेरे दर को छोड़ कर

आज मैया यशोदा के द्वार, बधैया बाज रही, कौन पुण्य कर आई यशोदा, गोद भरी करतार, कंचन थार लिये ब्रज