
सुनलो ओ श्याम प्यारे इतनी अरज़ हमारी
सुनलो ओ श्याम प्यारे इतनी अरज़ हमारी जब तक हो साँसे तन में सेवा करे तुम्हारी इस जग से हार

सुनलो ओ श्याम प्यारे इतनी अरज़ हमारी जब तक हो साँसे तन में सेवा करे तुम्हारी इस जग से हार

रुपीया पैसा सोना चांदी धन बरसादे रे, कन्हियाँ टाटा और अम्बानी जैसा मुझे बनादे रे, सभी को तू ही देता

सेवा करेगी तेरी दिन और रात. शादी करा दे मेरी राधा के साथ, विनती करू माँ तेरे जोडू मैं हाथ,

श्री राधे राधे बोल मन तर जाएगा पाप जो चड़ा है उतर जाएगा श्री राधे राधे बोल मन तर जाएगा

वो काला एक बांसुरी वाला, सुध बिसरा गया मोरी रे । माखन चोर वो नंदकिशोर जो, कर गयो मन की

कान्हा ने मोरी मटकी है फोड़ी मटकी है फूटी रज धारा बही आ रा सा रा पी गयो दही पूछे

दो नैन तेरे बड़े रसीले मनमोहन घनश्याम, नैनो पे मैं वारी जाऊ हे मेरे घनश्याम, जय जय बांके बिहारी लाल,

दिल मेरा ऐसा तुम तोड़ के ना जाओ, ओ मेरे श्याम मुझे छोड़ के ना जाओ, वादा किया था तूने

तोरा मन दर्पण कहलाये ॥ भले बुरे सारे कर्मों को, देखे और दिखाये तोरा मन दर्पण कहलाये ॥ मन ही

मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा बरसाए रखना मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से लिपटाए रखना छोड दुनिया