
मेरी चढ़ती बेल उजड़ी काहे का मुरली वाला
मेरी चढ़ती बेल उजड़ी काहे का मुरली वाला , काहे का मुरली वाला काहे का जग रखवाला , मेरी चढ़ती

मेरी चढ़ती बेल उजड़ी काहे का मुरली वाला , काहे का मुरली वाला काहे का जग रखवाला , मेरी चढ़ती

मेरो कान्हा गुलाब को फूल, किशोरी मेरी कुसुम कली, कान्हा मेरो नन्द जू को छोना ॥ राधे मेरी बृषभानु लली,

आरती बाल कृष्ण की कीजै, अपनो जन्म सफल कर लीजै, श्री यशोदा को परम दुलारो, बाबा की अखियन को तारों,

तेरे ही भरोसे यारा मेरा चल रहा गुजारा, एह श्याम मुरली वाले आज रे दिल पुकारा, तेरे ही भरोसे यारा

राधा रस नाम प्याला मैं घट घट करके पी गई, बरसाने वाली राधा मेरी हर ली सारी वाधा, मैं महिमा

इतनी खातरी करवावे ,एह को काई लागे आइया बैठो जईया ज्वाई लागे भगत कहवे जी ऐने बनड़ो, समझण लाग्यो, खुद

तेरी किरपा से संवारे सब कुछ है मैंने पा लिया ॥ जबसे मिला है दर तेरा जीना है मुझको आ

आओ श्याम जी कन्हैया नंदलाल जी, मेरे प्राणो से प्यारे गोविन्द जी । दूर देश की रहने वाली, कैसे तुमको

ओ मैया तेरा मुझको दीदार हो जाए उजड़ा चमन फिर से मेरा गुलजार हो जाए ओ मैया तेरा मुझको दीदार

मीठी मीठी मेरे सांवरे की मुरली बाजे, होकर श्याम की दीवानी राधा रानी नाचे छोटो सो कन्हैयो मेरो बांसुरी बजावे