
ये तो करम है तेरा
ये तो कर्म है तेरा के हम जी रहे है, भगती का जाम रात दिन हम तो पी रहे है,

ये तो कर्म है तेरा के हम जी रहे है, भगती का जाम रात दिन हम तो पी रहे है,

तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे, तू लगे दूल्हा सा दिलदार सांवरे । मस्तक पर मलियागिरी चन्दन, केसर तिलक लगाया ।

मेरे छोटे से भगवान उनके गुन्गरण गुन्गारण बाल, जाओ जाओ गे कहा मुख मोड़ के, मैंने बड़े प्यार से आसन

श्री राधा, श्री राधा, श्री राधा, राधा श्री राधा, श्री राधा, श्री राधा, राधा तेरे चरणो में हो जीवन की

फर्क बड़ा है प्रेमी और राजा में कान्हा, सुनो द्वारिका दीश बताये तेरे राधा, गोकुल का कान्हा प्रेमी था, जो

ऐसा हो गया कमाल सखियों, दिल लै गया गोपाल सखियों, सूरत बड़ी सोहनी है बड़ी मनमोहनी है, ओह ता चल

बरसाने वारी दिल में बसी तू तो राधा प्यारी प्यारे बनवारी धुन मुरली की मोहे लागे प्यारी गोरा मुखड़ा चंद्र

माने ना छेड़ो जी नन्दलाल मटकियां सिर पे गिर जा गी, हे राधा धीरे धीरे चाल कमर में लचकि पड़

मेरे श्याम चले आना घनश्याम चले आना, अब तक तो निभाया है तूने आगे भी निभा जाना, मेरे श्याम चले

लाड लडाऊ तुझे मनाऊ करू तेरी मनोहार, कन्हिया मेरी गोदी आजा ओह लला मेरी गोदी आजा देख देख तुझको कान्हा