
खावे माखन ते मिश्री गोपाल वे
खावे माखन ते मिश्री गोपाल वे, रंग काले दे हो गया लाल वे , दूध पीवे ते दही खावे नाल

खावे माखन ते मिश्री गोपाल वे, रंग काले दे हो गया लाल वे , दूध पीवे ते दही खावे नाल

कब मिलहे घनश्याम श्याम मुख मोड़ गये सज में, सुना गोकुल धाम कुञ्ज वन छोड़ गये सच में, कब मिलहे

राधा रानी झूल रही थी काली खोली में झोटा देते श्याम खड़े भगतो की टोली में निराली शान राधा की

म्हारी पागड़ी री लाज बचाल्यो म्हारा सांवरिया या तो दाव पे लागि जी, म्हारी पागड़ी री लाज बचाल्यो म्हारा सांवरिया

ओ सुन मेरे लड्डू गोपाला मैया से बाते कर ले प्राणों से प्यारा लाला मैया से बाते कर ले सुन

तू मेरा चित चोर वे श्यामा, तेरे हथा च मेरी डोर वे श्यामा, आ शामा तेनू मखन खवावां, मखन खवावां

मोरनी भागा की छम छम नाचे गाये, मुरली भजाये श्याम मोरनी ताल से ताल भ्जाये, मोरनी भागा की छम छम

कान्हा रे काला टीका लगा दूँ, तेरी प्यारे प्यारे मुखड़े पे जाउ बलिहार संवारा, कान्हा रे काला टीका लगा दूँ,

सांवरिया आ जा रे, सांवरिया आ जा रे । आ जा रे आ जा रे आ जा रे,सांवरिया आ जा

हमें नन्द नन्दन मोल लियो मोल लियो, मोल लियो जम की भाँति काठि मुख रायो अभय अजात कियो सब कोउ