
आजा रे खाटू वाले दिल के मकान में
आजा रे खाटू वाले दिल के मकान में, तेरी मोरछड़ी झूमे सारे जहान में, आ जेक अब तो आँखों में

आजा रे खाटू वाले दिल के मकान में, तेरी मोरछड़ी झूमे सारे जहान में, आ जेक अब तो आँखों में

हो लिखण वालेया लिखण वालेया, लिखण वालेया तू होके दयाल लिखदे मेरे हिरदये विच गुरा दा ख्याल लिखदे, लिखण वालेया

सावन में कृष्ण मुरार झुला झूले कदम की डाल, कोयल कूके कूके गाये मल्हार सावन में कृष्ण मुरार झुला झूले

भगवान तुम्हारे मंदिर में, मैं नया पुजारी आया हूं, पूजा में कुछ भी लाया नहीं, बस अलख जगाने आया हूं,

मन मेरे जप राधे तु किरपा ही किरपा तू दया ही दया तू कृष्ण प्रिया तू श्याम प्रिया लाडली श्री

तू कन्हियाँ से नजरे मिला तेरी किस्मत बदल जाएगी, सिर इसके आगे तू झुका बात बिगड़ी भी बन जाएगी, तू

काहे फेरे अखियो मे पानी, प्रेम दिवानी मीरा कृष्ण दिवानी, हस के तु पीले विष का प्याला, तोहे क्या डर

यदि नाथ का नाम दयानिधि है, तो दया भी करेंगे कभी ना कभी दुःख हारी हर दुखियाँ जन के दुःख

गिरधर मेरे मौसम आया धरती के शृंगार का, ढाल ढाल पर लग गए झूले बरसे रंग प्यार का. उमड़ गुमड़

सांवरिया ओ मेरे सांवरियां राधा के मोहन प्यारे तु ही सब के काज सवारे, ओ चले दुनिया तेरे इशारे सांवरिया