
मधुवन झूला डालो हे नटवर नन्द किशोर
मधुवन झूला डालो हे नटवर नन्द किशोर, रिम झिम पानी बरसे टयूटू टयूटू कर बोले मोर, राधा झूले ललिता झूले

मधुवन झूला डालो हे नटवर नन्द किशोर, रिम झिम पानी बरसे टयूटू टयूटू कर बोले मोर, राधा झूले ललिता झूले

वो लम्हा आखरी हो जब दिल तुम्हे भुलाये, तेरा नाम भूलू जिस दिन मुझे मौत श्याम आये, वो लम्हा आखरी

जब से पाया है कन्हैया आप का ये दर, तब से जग में जी रहा हु मैं उठा के सिर,

भिखारी के घर में दाता पधारे, बड़े ही अनोखे है भाग्ये हमारे, भिखारी के घर में …. करुणा का सिंधु

दीवाना बन कर डोले राधा कुंज बिहारी से वावरियां होकर डोले राधा कुञ्ज बिहारी से राधा वृंदावन आइयो,बुलावे कान्हा तू

राज पाठ और ठाठ बाठ के बीच याद तड़पाती है, राज पाठ और ठाठ बाठ में गइयाँ याद आती है,

उधो मैया ते जा कहिओ, तेरो श्याम दुःख पावे। कोई ना ख्वावे मोहे माखन रोटी, जल अचरान करावे। माखन मिश्री

बड़ा छलिया रे सखी नंद गोपाल, बेदर्दी दिल चुरा के चला गया, सुध बुध लूट लिया नटखट सांवरियां ने, मोह

श्याम नाम की महिमा फिर से दिखा दो रोते लवो को फिर से हसा दो तेरे सिवा इक किस को

हे प्रभु मुझे बता दो चरणों में कैसे आऊ, माया के बंधनों से छुटकार कैसे पाऊ, हे प्रभु मुझे बता