
जो बैठे बॉर्डर पे बाबा
जो बैठे बॉर्डर पे बाबा छोड़कर के अपना घरबार मेरे उन फौजी भाइयो का हमेशा सुखी रहे परिवार बाबा श्याम,

जो बैठे बॉर्डर पे बाबा छोड़कर के अपना घरबार मेरे उन फौजी भाइयो का हमेशा सुखी रहे परिवार बाबा श्याम,

कमाओ हीरा या मोती कफ़न में जेब नहीं होती. चाहे खाओ छप्पन व्यंजन , चाहे खाओ रूखी और लवण ,

काजू मिशरी मेवे पाके गौरा ने रगड़ी भंग नी, भंग पी के हो गया भोला मस्त मलंग नी, भंग प्याला

सखियों देखो बड़ा निराला लाडा गोरा दा पाउंदा गल सरपा दी माला लाडा गोरा दा घोड़ी भी न मिली है

मत कर तू अभिमान रे बंदे, जूठी तेरी शान रे । मत कर तू अभिमान ॥ तेरे जैसे लाखों आये,

हो जा मना मेरेया तू मस्त मलंग वे मस्त मलंग वे मस्त मलंग वे चढ़ गया तैनु शिव शम्भु जी

तेरी तस्वीर दिल में कन्हियाँ, जाने कब से सजाये हुए है, तुझसे मिलने की लेकर तमन्ना हम तेरे दर पे

माँ के आली रंगा ॥ आली रंगा फुलवा चुने भाई लंगुर…॥ फुलवा के मधुर सुहागे हो माँ sss.. माँ के

सत्संग वो गंगा है इस में जो नहाते है, पापी से पापी भी पावन हो जाते है, ऋषियों ने मुनियो

घर घर में वस् रहा है मेरा श्याम खाटू वाला, मेरा श्याम वाला मेरा श्याम नीले वाला, नीला है इस