
हल कर सका नहीं कोई ऐसा सवाल हु
हल कर सका नहीं कोई ऐसा सवाल हु, हनुमान मेरा नाम मैं अंजनी का लाल हु, आदेश कीजिये मैं रुख

हल कर सका नहीं कोई ऐसा सवाल हु, हनुमान मेरा नाम मैं अंजनी का लाल हु, आदेश कीजिये मैं रुख

फागण की आई बहार खाटू धूम मची, उड़े उड़े रे गुलाल नीला पीला हरा लाल, पड़े रंगो की फुहार,खाटू में

अब मेरी भी सुनो हे मात भवानी मैं तेरा ही बालक हु जगत माहारानी अब मेरी भी सुनो हे मात

मेरे भोले नाथ मेरे भोले नाथ मेरे भोले नाथ त्रिपुरारी तुम हो संकट हारी देवा तुम को संकट हारी मेरे

तू होके शेर सवार माँ आ जाना इक बार माँ प्यारा भवन सजाया तेरा तू दर्शन दे इक बार माँ

आओ आओ सब मिल इक हो जाओं, भेद भाव और उच नीच को आओ जड़ से मिटाये, इक ईश्वर सब

फागुन का है मेला आया मेरे लखदातार, जम कर होली खेले गे तेरे संग में ओ लखदातार, लाल गुलाल लगा

दोहा: थारे हाथां सौंप दी, घर की चाबी श्याम, जद स तू मुखियाबण्यो, मिट गया कस्ट तमाम, म्हारे घर को

जागो सरस्वती गणेश मनाए, गणेश मनाए सर्व सुखः पाए, हो जागो, सरस्वती गणेश मनाए, गणपति लाडला माँ गौरा का, शिव

भक्तो के कारण की सुन है पहचान हमारी, इस दुनिया में भक्त बड़ा ये बोले श्याम बिहारी, मोर पंख को