
मंदिर में अपने हमे रोज भुलाते हो
मंदिर में अपने हमे रोज भुलाते हो, कभी कभी हमसे भी मिलने क्यों नहीं आते हो, मंदिर में अपने हमे

मंदिर में अपने हमे रोज भुलाते हो, कभी कभी हमसे भी मिलने क्यों नहीं आते हो, मंदिर में अपने हमे

भक्ता के कष्ट मिटा ज्याइए-॥ म्हारे गाम म गेड़ा बाबा ला ज्याइए। हरयाणे म गेड़ा बाबा ला ज्याइए। नारी की

रहम मांगता हूँ करम मांगता हूँ कन्हैया मैं तेरी शरण मांगता हूँ गरीबों का दाता तू दौलत अदा कर तू

धुन- कान्हा आन वसो वृन्दावन में शिव शँकर भोले, कैलाशी, तेरे दर्श को अख्खियाँ, हैं प्यासी ll *तेरी जटा विच,

विघ्नहरण मंगलकरणय मां गिरजा के लाल अरे पृथ्वी लोक में आईके, कैसा किया कमाल गणपति बाप्पा आगये रे, मौका पे

हमे तो मस्त किया साई शिरडी वाले ने, दुनिया पे राज करने वाले शिरडी वाले ने, मेरे मालिक मेरे साई

चलो रे शिव जी के धाम सब को मिलेगा आराम बन जायेगे वाहा सब के बिगड़े काम चलो रे शिव

इक दो गल्ला आज करनियाँ तेरे नाल बावा लाल, देखि देवी न किधरे मैनु टाल बावा लाल, इक दो गल्ला

संगता दुरो चल के आइया दर्शन देदो बाबा जी, दर्शन देदो बाबा जी झोलियाँ भर दो बाबा जी, संगता दुरो

मैं बछड़ा तेरा माँ तू कर मेहरा दियां छावा, मैं आया दर ते माँ दस होर किदर न जावा, मैं