
खाटूवाला सांवरियां ही प्यार हमारा है
कहते है हक़ से अधिकार हमारा है, खाटूवाला सांवरियां ही प्यार हमारा है, सामने कहते है सबके खुल के इजहार

कहते है हक़ से अधिकार हमारा है, खाटूवाला सांवरियां ही प्यार हमारा है, सामने कहते है सबके खुल के इजहार

सावन की रुत है आजा माँ,हम झूला तुझे झुलाये गे, फूलो से सजाये गे तुझको मेहँदी हाथो में लगाएंगे, कोई

आजा आजा रे कन्हाई तेरी याद आई आजा आजा रे कन्हाई तेरी याद आई याद आई रे तेरी याद आई

भगतो के मन को ये भरमा रही है, मोरछड़ी श्याम की गज़ब ढा रही है, संकट मिटा के ये लेहरा

लागा रे लागा रे मन लागा रे लागा रे मन , लागा रे लागा रे मन लागा रे लागा रे

दास नु वि किते अपनालै ठकुरा भोग गरीब दा तू ल लै ठकुरा राजे महाराजे तेरी सेवा करदे, खीर पूरी

सुन ले पुकार माँ शेरावालिए सुन ले पुकार माँ झण्डेवालिये आ जाओ गुफा से बहार,माँ झण्डेवालिये॥ द्वार पर खड़े है

एह मेरे गुरु जी एह मेरे मालिक दात बस यही मांगू तुझसे, तेरी ही राह चलता राहु सदा, मुझे ऐसी

देदे थोडा प्यार मैया तेरा क्या घट जाएगा। देदे थोडा प्यार मैया तेरा क्या घट जाएगा, यह बालक भी तर

खाटू का फागण त्यौहार जिसने देखा पहली बार श्याम धनी का वो दरबार जिसने देखा पहली बार श्याम दीवाना हो