
बटती आज बधाई सारी दुनिया में
बटती आज बधाई सारी दुनिया में आई मस्त बहार खाटू नगरी में झूमता है जहाँ नाचता है जहां श्याम नगरी

बटती आज बधाई सारी दुनिया में आई मस्त बहार खाटू नगरी में झूमता है जहाँ नाचता है जहां श्याम नगरी

तुझसे मिलने आया है साईं सारा परिवार मेरा हमे शिर्डी खीच लाया है ओह शिर्डी वाले द्वार तेरा जब आया

माँ अपने दिल से भुला तो ना दोगी हँसते हुए को माँ रुला तो ना दोगी माँ पाने दिल से

नित खावां पीवां मौज करा नित ख़ुशी मनावा, जद साई मेरा नाल मेरे मैं क्यों गबरावा, मैनु इक भरोसा साई

भोले का साथ हो ना कोई बात हो हर वक़्त पूजा करूँ दिन हो या रात हो तेरे नाम की

आज है आनंद बाबा नन्द के भवन में, ऐसा न आनंद छाया कभी त्रिभुवन में, आज है आनंद…. जान गये

खाटू वाले श्याम धनि तेरी याद सतावे से, घात मेरे बाबा ना निंदिया आवे से, खाटू वाले श्याम धनि …..

अरज म्हारी सुणता जाजो जी भीमाजी रा लाल मेहर तुम करता रहेजो जी ग्वाल बाल सब ठाड़ा रहे और नवी

कार्तिक के जाते ही मन में चाव चढ़ गया, सांवरिये से प्रेम थोड़ा और बढ़ गया, अरे सोच सोच के

राम की अलख जगाने वाले खोया मान दिलाने वाले, अजर अमर है नाम तुम्हारा राम पे जान लुटाने वाले, व्यर्थ