
भोले के हम दीवाने है
भोले के हम दीवाने है, गंगा जल से भर के गागर लाये शिव को चडाने है भोले के हम दीवाने

भोले के हम दीवाने है, गंगा जल से भर के गागर लाये शिव को चडाने है भोले के हम दीवाने

सुन मेरे दिल दी गल महरानिये, आज तनु दिल दी मैं अपनी सुनानी ऐ, मैं जीना खफा होवा माँ तू

भटक रहे है दर दर हम ढूंढ रहे है तुम्हे कदम, कहा छुपे हो बाबा मुश्किल में हम, आ भी

मैं तो लाई हूँ दाने अनार के, मेरी मैया के नौ दिन बहार के, टैंट वाले तेरा क्या जाएगा, मेरी

प्रभु देर न करना जय सिया राम हम दीं दुखी के एक तुम्ही अंधेर न करना जय सिया राम, प्रभु

सुन ल्यो अर्जा म्हारी॥ ध्जाबन्द धारी मैं तो आयो हूँ शरण मैं थारी,ध्जाबन्द धारी उजड़ गया नै बाबा ,अब थे

मुकुंदा मुकुंदा कृष्णा, मुकुंदा मुकुंदा, मुझे दान में दे वृंदा विरिन्दा विरिन्दा। मटकी से माखन फिर से चुरा, गोपियों का

माया तुम्हारी राम राम जीव भी तुम्हारा माया जीव दोनों को ही राम का सहारा माया तुम्हारी राम राम जीव

जन्मे अवध में राम मंगल गाओ रे, दो सब को ये पैगाम घर घर जाओ री, माता कौशल्या को सब

मैया जी मेरी बेटी चली ससुराल, रखना उसका ख़याल हमने दिल के जिस टुकड़े को बाहों का झूला झुलाया माँ