
मुझ पर भी कर्म कर दो
साँवरे मेरे मुझ पर भी, कुछ ऐसा कर्म कर दो, तुम जो हारे का सहारा हो, मेरा दूर भरम कर

साँवरे मेरे मुझ पर भी, कुछ ऐसा कर्म कर दो, तुम जो हारे का सहारा हो, मेरा दूर भरम कर

हे अंजनी सूत हनुमान पधारो म्हारे कीर्तन में, बाला जी भगवान पधारो हमारे कीर्तन में आओ हनुमान जी पधारो हनुमान

करदो बेडा पार मेरे साईं पालन हार, मैं साईं तेरे दर पे आ गई, साईं दाता साईं विध्यता, तेरी है

साँवरा दयालु है प्रेम को निभाता है, कभी कोई मुश्किल पड़े बाबा दोहरा आता है, जब भी मैं हारा इसने

साई तुझे दिल की सुनाऊ मैं सदा तेरा दास कहाऊ मैं, सदा तेरे संग रहना चाहु मैं, तेरे बिन चैन

क्या मैं इतना अधम हु कन्हैया, एक नजर मुझपे करते नहीं हो, पार तुम्हको लगानी पड़ेगी मेरी बीच बावर में

जेह्ड़े आ के मथा टेके माँ ओहदे मन नु वेखे ओहदी चोंकी लग जाई लेखे जेह्ड़े श्रधा नाल बेह गए

नहीं श्याम सा कोई सोहना दुनिया में कोई होना, दिलदार बड़ा है श्याम मेरा खाटू वाला, सब देख लिया इस

सफल हुआ है उन्ही का जीवन जो तेरे चरणों में आ चुके है, उन्ही को तेरा हुआ है दर्शन जो

श्याम सुन्दर को तो आना ही होगा। भक्तों को दर्शन देना ही होगा। आज नहीं तो कल आना ही होगा।