
मस्त नज़रों से जिसका पड़ा वास्ता
मस्त नज़रों से जिसका पड़ा वास्ता वो तो खुशियों से दामन भरा ले गया जिसने बाबा को अपना ये दिल

मस्त नज़रों से जिसका पड़ा वास्ता वो तो खुशियों से दामन भरा ले गया जिसने बाबा को अपना ये दिल

जलते भी गए, कहते भी गए, आज़ादी के परवाने, जीना तो उसी का जीना है जो मारना वतन पे जाने

श्याम सांवरिया द्वारिका गए जो लेने न सुध कोई भेजी न खबरिया तेरी राधा वावरिया बई राधा वावरिया सुना पड़ा

दिल ये कह रहा है एक बार देख लू, शिरडी वाले साई का दरबार देख लू, दिल ये कह रहा

शंकर तेरी जटा से बहती है गंग धारा काली घटा में चमके जैसे कोई सितारा, शंकर तेरी जटा से शेश

गणेशा गणेशा तुझको आना पड़ेगा मेरा भाग्य भगवन जगाना पड़ेगा पूजा ना जानू अरचन न जानू, भगवान जप तप या

ये दिल तुजपे हुआ कुर्बान, तू माने या न मान, ये दिल तुजपे हुआ कुर्बान तेरी तस्वीर क्या देखली चैन

म्हारी सुन लो श्याम सरकार सभी कुछ हार के आया हु बाबा मैं हु बड़ा लाचार तेरे दरबार में आया

ना जाने किसे वैरी ने माहरे पितर भांध दिए बाबा, करा काम किसे ने खोट्या हमने दुःख हो रहा मोटा,

आधी रात को मैया तेरी हूँ आधी रात को मैया तेरी कुण्डी ना खड़कता मैं कोई और सहारा होता तो