
ओड ले नी तेरे नाम की चुनरियाँ लाली लाली लाल
ओड ले नी तेरे नाम की चुनरियाँ लाली लाली लाल॥ साई के रंग में मैं रंग जाऊ, साई के मन

ओड ले नी तेरे नाम की चुनरियाँ लाली लाली लाल॥ साई के रंग में मैं रंग जाऊ, साई के मन

असां खेलनी ए होली तेरे नाल, वृन्दावन रेहन वालेया वृन्दावन रेहन वालेया, वृन्दावन रेहन वालेया असां खेलनी ए होली तेरे

काली बनी महाकाल रे रूप धरे विकराल रे, हाथ में खपर रूप भयंकर चली ग़जब की चाल रे, काली बनी

वीणा वादिनी माँ हंस वाहिनी माँ, तेरे ज्ञान से रोशन है सारा जहान, कृपा तेरी जिस घर में हो जाएगी

बांसुरीया लेके आजा मेरे श्याम कदम के नीचे कर्मी का महीना आया कर्मी ने बहुत सताया पांखुरीया लेके आजा मेरे

छुपा लो यु दिल में प्यार मेरा. के जैसे मंदिर बिना दीये के तुम अपने चरणों में रखलो मुझको तुम्हारे

ॐ नमो शिवाये ॐ नमो शिवाये ॐ नमो शिवाये नीलकंठ गंगाधर तेरी महिमा कही न जाए ॐ नमो शिवाये ॐ

हरी भज रे उम्र बीत चली, दिन दिन घडी घडी पल पल जावे, जैसे जल अंजलि हरी भज रे उम्र

श्याम तेरे दर पे आया हूँ चाकर रख ले मुझे इक बार चाकरी का मौका दे दे श्याम तेरे दर

मेरी झोली छोटी पड़ गयी रे इतना दिया मेरी माता मेरी बिगड़ी माँ ने बनायीं सोयी तकदीर जगाई ये बात