
श्याम की पूजा श्याम की सेवा
श्याम की पूजा श्याम की सेवा दोनों से बड कर काम न दूजा, आजमाया है फिर ये गाया है, मैंने

श्याम की पूजा श्याम की सेवा दोनों से बड कर काम न दूजा, आजमाया है फिर ये गाया है, मैंने

श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया । ऐसी रंग दे, के रंग नहीं छुटे । धोभिया धोये चाहे सारी उमरिया

देख के तेरी सुरतियाँ मैं तो हो गई वनवारियाँ,. तेरे भाववे सिरंगी मैं दीवानी सी हो गई, मैं धनि बनवाली

मैं तो बंदा था किस्मत का मारा श्याम तेरा मिला जब सहारा, मेरी किस्मत का दाग धूल गया मेरा संवारा

जय हो गणपति जय हो गणपति, तू दयालु है तू किरपालू है, घजानंद गणपति जय हो गणपति जय हो गणपति,

लेला मैं लेला खाटू का मेला दर्शन को आई बाबा मौका है पहला, हाथो में लाई तेरी मुरलियाँ भूल गया

श्यामा आन वसो वृंदावन में मेरी उमर बीत गई गोकुल में श्यामा रस्ते में भाग लगा जाना फूल भीनु गी

माझे माहेर पंढरी, आहे भिवरेच्या तीरी | बाप आणि आई, माझी विठठल रखुमाई | पुंडलीक राहे बंधू, त्याची ख्याती काय

मेरी जुबा में इतना असर दे होठो पे तेरा नाम रहे, हम रहे और या न रहे साईं तेरा दरबार

द्वार खड़ी शनी देव तुम्हारे किरपा करो शनि दया करो, करू तुम्हारी चरण वंदना कष्ट हमारे विदा करो द्वार खड़ी