
चरणों का पुजारी हु तेरे दर का भिखारी हु
चरणों का पुजारी हु तेरे दर का भिखारी हु, ज़िंदगी दाव पे रखड़ी प्रभु ऐसा जुवारी हु, ये मेरी हकीकत

चरणों का पुजारी हु तेरे दर का भिखारी हु, ज़िंदगी दाव पे रखड़ी प्रभु ऐसा जुवारी हु, ये मेरी हकीकत

एक झोली में फूल भरे है एक झोली में कांटे, कोई कारण होगा तेरे बस में कुछ भी नही ये

तेरा दर तो बिहारी जी, दुखियों का सहारा है, तेरे दर के ही टुकडो पर, तेरे दर के ही टुकडो

मेरे सारे पलछिन सारे दिन तरसेंगे सुन ले तेरे बिन तुझको फिर से जलवा दिखाना ही होगा अगले बरस आना

झूम रहा खुशियों से मन मेरे साई आने वाले है, छोड़ के अब शिरडी का आंगन मेरे साई आने वाले

मैं होली खेलन जांगी होली का रंग न्यारा, होली का रंग न्यारा लगे रे बड़ा प्यारा, मैं होली खेलन जांगी

भगतो पे जब जब विपदा आई कौन बना रखवाला मेरा डमरू वाला कदम कदम पर दुःख संकट पे बिगड़ी बनाने

उलटी गंगा ना बहे झुके न आसमान मेरी मैया कभी न भूले भैया करना भगत का काम उलटी गंगा ना

जबर जुलम दी जालमा ने हद मुकाई, होये प्यासे खून दे बई भाई भाई, किती इल्तफिरंगियाँ की वरतेया भाना, साथो

चंगा लगदा है मैनु एहे नजारा बाबा दे दर झुमन दे, मेरे दिल में वसा है शिरडी वाला बाबा दे