
थारी जय हो भोलेनाथ
थारी जय हो भोलेनाथ, में वारी जाऊ चरणा में, जटा बीच में गंगा थारे, भांग धतुरा पिने वारे, तुम त्रिलोकी

थारी जय हो भोलेनाथ, में वारी जाऊ चरणा में, जटा बीच में गंगा थारे, भांग धतुरा पिने वारे, तुम त्रिलोकी

हथ जोड़दी नाले मत्था टेकदी जींद तेरा शुकर करे, शेरा वालिये माँ शेरा वालिये माँ, अंग संग तेनु हर वेले

राधे राधे रटते रहना,अच्छा लगता है, अब तो दर्शन हो जाएंगे ऐसा लगता है , राधे राधे…… ये दुनिया है

आया फागण का मस्त महीना. ऐसी मस्ती जो देखि कभी न, उड़े उड़े रे अबीर और रंग गुलाल रे, खाटू

तू ही तू तू ही तू कर किरपा मेहरा दिया साईंया, कट दुखा दिया जंजीरा नु सानु पता तू बदल

ढीली करो धनुष की डोरी,तरकस का कस खोलो.. किसने कहा युद्ध की बेला गयी,शांति से बोलो ? किसने कहा,और मत

देवा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा देवा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा देवा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा देवा श्री

सजदे में सर जुका है दर पे मेरा, हर पल शुकर मनाऊ गुरु जी मैं तेरा, ॐ नमः शिवाये शिव

डांस की डिमांड करे चले गणराजा, दी जे वाले भाई जरा गाना भजा जा, ढोलकियाँ लाना दया ज़माना, ढोल वजाना

माँ नाल गल्लां करिये सानु सद्देआं बड़ा चिर होया, सब नु बुलान वालिये विच गमां दे फस गयी जिंदड़ी, किस