
सुन लो हे करतार सारे जग का पालनहार
अर्ज मोरी सुन लो हे करतार सारे जग का पालनहार, तेरी महिमा अप्रम पार श्रृष्टि के आधार सुन लो हे

अर्ज मोरी सुन लो हे करतार सारे जग का पालनहार, तेरी महिमा अप्रम पार श्रृष्टि के आधार सुन लो हे

सब का मालिक एक बंदे, सबका मालिक इक है, साई का सन्देश बंदे सब का मालिक एक है, सबका मालिक

गोपियों जो तुमसे दगा मैं कमाऊ कसम मेरी मैं मर जाऊ, गोकुल की गलियों सा नहीं कोई प्यारा, वृद्धावन में

मीणा भाई रम जा रात अंधारी, काला कामला की गांति मार ले ,कमरिया में भंवर कटारी, आरड़े पारड़े करसा सुता

हो राधा तक्दी ऐ गलियां दे मोड़ अज मेरे श्याम ने आऊना पैला पाऊंदे ने अगे पीछे मोर अज मेरे

नाले तारी मीरा नाले धना जाट तारिया साड्डी वारि आयी किथे बह गया प्यारिया साड्डे नालो बिलनी चंगी जिसदा जाके

बाबा तेरी याद आती है बड़ी आती है बड़ी रुलाती है सारी सारी रात जगाती है याही आती है जब

रंग रंगीलो फागुन आयो करलो सबी तयारी मेलो लागे खाटू माही आवे दुनिया सारी ले रंग गुलाल चालो चालो रे

ॐ जय श्री विश्वकर्मा प्रभु जय श्री विश्वकर्मा सकल सृष्टी मे विधि को श्रुति उपदेश दिया, जीव मात्र का जग

तेरी यमुना दा मीठा मीठा पानी मटकिया भर लेन दे मटकिया भर लेन दे,मटकिया भर लेन दे तेरी यमुना ते