
दुःख भी मानव की संपत्ति
दुःख भी मानव की संपत्ति है तू क्यों दुःख से गबराता है, सुख आया है तो जायेगा,दुःख आया है तो

दुःख भी मानव की संपत्ति है तू क्यों दुःख से गबराता है, सुख आया है तो जायेगा,दुःख आया है तो

मैया तेरे द्वारे बाला जोगी आयो, यशोदा तेरे द्वारे बाला जोगी आयो, बाला जोगी आयो,एक भोला जोगी आयो, मैया तेरे

ओ संतो सुरगा सो आगियो रे संदेश बुलावो आ गयो राम को, इक मिनट प्रभु देर करो तो करू बेटा

श्याम जय जय श्याम श्री जय जय श्याम मैं तो श्याम ही श्याम पुकारू, श्री श्याम नहीं मोहि सुध लीनी

बरसो से सोया नसीबा जगा दे , करू कया कोई तू रस्ता दिखा दे, तेरे धाम चल के मैं खुद

जननी मैं न जीऊँ बिन राम, राम लखन सिया वन को सिधाये गमन, पिता राउ गये सुर धाम, जननी मैं

बड़ी भागा वाली हुन्दी है ओ था जिथे माँ दी ज्योत जगदी दाती मेहरावाली करदी है छा जिथे माँ दी

साईं बाबा साईं साईं बाबा साईं, चरणों में अपने रहने दे मुझको येही तमना मेरी है, साईं बाबा साईं साईं

हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे, बनॉगे राधा तो यह जानोगे, बनॉगे राधा तो यह जानोगे, के कैसा

कैसे दूर मैं रह पाऊँगा,दौड़ा दौड़ा दर आऊँगा तेरे दर्शन करके बाबा,किस्मत को चमकाऊँगा ये बाबा तो साथी हमारा है,हारे