
बोल के जय कारा पौणाहारी दर जाईदा
बोल के जय कारा पौणाहारी दर जाईदा, श्रद्धा दे नाल जाके शीश झुकाई दा, बोल के जय कारा पौणाहारी दर

बोल के जय कारा पौणाहारी दर जाईदा, श्रद्धा दे नाल जाके शीश झुकाई दा, बोल के जय कारा पौणाहारी दर

आनंद ही आनंद बरस रहा बलिहारी ऐसे सद्गुरु की । धन भाग्य हमारे आज हुए शुभ दर्शन ऐसे सद्गुरु के

क्षमा करो मेरी भूल हुई शनि देवा, हम आये तेरे दवार हम करे तेरी पुकार, करे तन मन से तेरी

जो शिव नाम होठो पे चढ़ गयो रे, तो समजो ये जीवन सवर गयो रे, मन में वसा ले तू

सावन का महीना आया है द्वारे कावड़ उठा के जाना है, भक्तो शिव जी के दर्शन को, सावन का महीना

जय रामदेव आवातरी, लीले घोडेवाली अस्वरी अजमल घर अवतारी, जय हो जय हो म्हारा बाबा थारी, जग घुमिया थारे जैसा

भायो रे भायो रे सालासर का धाम मेरे मन भायो रे आयो रे आयो रे बिगड़े काम बनाने तेरे दर

मायड़ म्हारी ए मै तो श्याम शरण में जाऊं,मायड़ म्हारी ए मै तो श्याम शरण में जाऊं।। श्याम शरण में

नहीं धन दोलत की चाहत है, है कर्म तेरा ये राहत है, तूने जितना दिया है खुश है हम चाहिए

तेरे इश्क़ दी रीत निभेदी हाँ, वे मैं श्याम तो सदके रेह्न्दी हाँ, यार मेरा दिल दार मेरा, यमुना दे