
मेरे घर में पधारो हे महाराजा
देवा हो देवा गणपति देवा सिद्धिविनायक हो जय गणेश देवा, कर के मुसक सवारी हे घनराजा, मेरे घर में पधारो

देवा हो देवा गणपति देवा सिद्धिविनायक हो जय गणेश देवा, कर के मुसक सवारी हे घनराजा, मेरे घर में पधारो

ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे तुम्हरी लगन छोड़ डुंगा, तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे तुम्हारी लगन छोड़

इक लाल देदे दातिया मैनु लाल देदे लाला वालेया, फूल भुटा तेरे दर ते चढ़ावा, इक लाल देदे दातिया मैनु

प्यार लुटाता लाड लड़ाता मेरा बाबा श्याम, हो गये उसके वारे न्यारे जिस ने लिया तेरा नाम, श्याम तेरा क्या

इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले, गोबिंद नाम लेकर प्राण तन से निकले, इतना तो करना स्वामी

मेरे बाबा का पैगाम अब तो चलना परमधाम , वापिस जाना है हम सब को दिव्ये लोक निज धाम, मेरे

बल्ले बल्ले जी जोगी दर रंग बरसे, छावा छावा जी जोगी दर रंग बरसे, पौनाहारी दा दरबार भगतो खिड़ी होई

डाल रही वरमाला अब तो जानकी धनुष तोड़ा शिव जी का श्री राम जी ने जनक नंदनी मन में हर्षा

कान्हा मेरे मोहन मेरे राधा तेरी रोती है दिन रात न सोती है, तुम गए मथुरा जब से तेरी याद

शम्भु वैद नाथ तेरे द्वारे ओना पांडवा ने बनाया भवन, भोले वैद नाथ इ था रेहना पांडवा ने बनाया भवन,