
लोह तू लगा श्याम से
लोह तू लगा श्याम से मुशकिल हो चाहे कितनी बड़ी भी कट जाए आराम से लोह तू लगा श्याम से

लोह तू लगा श्याम से मुशकिल हो चाहे कितनी बड़ी भी कट जाए आराम से लोह तू लगा श्याम से

नाव भी तू मेरी तू ही मेरी पतवार भी है, तू ही माझी है मेरा तू ही मझधार भी है,

चाड साई वाला रंग होजा मस्त मलंग, तेरे दिल वाली पूरी हर होवेगी उमंग, हर दिल दी हॉवे गी मंजूर

कसिने सजाया मंदिर तेरा, बड़ा प्यारा लागे बड़ा सोहना लगे, चोला सिंधुरी ये किसने चड्या, मस्तक पे केसर ये तिलक

तेरे दर जो आया है माँ, वो खाली कभी न गया, तेरे गुण जो गाउँदा है माँ , उसका कल्याण

रुन झुन रुन झुन रुन झुन बाजे पग पैजनिया अंगनैया बिहरे रामलला…. दुइ दुइ दसन दामिनि जैसे दम दम दम

भव सागर को पार करे .ऐसा कुछ उपचार करे । मारुती नंदन की आओ, हम सब जय जयकार करे, शंकर

नाच रहे छमा छम नाच रहे हनुमान, हाथो में कड्ताल वाजे सीने में साईं राम, नाच रहे हनुमान…… राम नाम

क्या मांगू सांवरे तुझसे जो तू ही मिल गया बाबा तुम्हारी प्रेम बरखा में ये जीवन खिल गया बाबा ये

बिगड़ी सब की बनाये वो दिलदार बड़ा मुरली वाला श्याम बना है यार मेरा याहा भी जाऊ साथ चले वो