
मेहंदीपुर वाले बाला के दरबार में
मेहंदीपुर वाले बाला के दरबार में अरजिया चल के अपनी लगाये गे हम जो सुनी न हमारी किसी ने कही

मेहंदीपुर वाले बाला के दरबार में अरजिया चल के अपनी लगाये गे हम जो सुनी न हमारी किसी ने कही

बिन तेरे ना रह पाए दर छोड़ के कहा जाए, तेरी दया से ही भोले हर काम बनेगे, तू रूठा

जरा देर ठहरो राम तमन्ना यही है अभी हमने जी भर के देखा नही है ॥ कैसी घड़ी आज जीवन

आवो भोग लगावो बाबा जी आवो भोग लगावो, रोटा नु भोग लगावो बाबा जी रोटा न भोग लगावो, भोग गरीब

सब धामों से धाम निराला श्री वृंदावन धाम, कुंज निकुंज में याहा विराजे प्यारे श्यामा श्याम मेरा वृंदावन प्यारा मेरा

नजर सँवारे तेरी बस एक नजर, मुझपे प्रभु है उसकी का असर , मैं दर दर पे बाबा भटक ता

तेरा करके दीदार आज जाना के भूहे दाती बंद ना करी तेरे नाम विच रंग लिया बाना के भूहे दाती

हथ जोड़दी नाले मत्था टेकदी जींद तेरा शुकर करे, मेरे दतियाँ मेरे दतिया, अंग संग तेनु हर वेले तक्दी, जींद

लागे जी लागे जी मेरे गणेश प्यारे लागे जी नहाय धुलाय के मैने गणेश आले में है राखे जी केशर

जब से सांवरिया से पहचान हो गई, जिंगदी तब से खाटू वाले की गुलाम हो गई, मेरे घर में कमी